मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी की जयंती अर्थात जन्मोत्सव का विशेष महत्व है और उनके जन्मोत्सव पर भक्त पूरे दिन भर व्रत रख कर उन्हें प्रसन्न करते हैं। लेकिन इस दौरान ध्यान रखने योग्य ये जरूरी बात हैं-
- हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है।
- इस दिन संकटमोचन के भक्त उन्हें प्रसन्न रखने के लिए दिन भर व्रत रखते हैं और मंदिरों में जाकर विशेष पूजा अर्चना भी करते हैं।
- हनुमान जयंती के दिन सुबह जल्दी उठ कर भगवान श्री राम सीता और हनुमान को याद करना चाहिए।
- स्नान आदि के बाद शुद्वता से मंदिर में जाकर संकटमोचन हनुमान का ध्यान करना चाहिए।
- ओम श्री हनुमते मंत्र का उच्चारण कर हनुमान प्रतिमा के समक्ष सिंदूर चढाना चाहिए।
- चमेली के तेल का दिया जलाना चाहिए।
- मंदिर में हनुमान चालीसा व सुन्दर कांड का पाठ करना चाहिए।
- हनुमान जी को प्रसाद,भोग लगा कर मंदिर में ही वितरित कर देना चाहिए।
- अगर गुड-चने का प्रसाद बांटे तो श्रेष्ठ रहेगा।
- हनुमान जी की पूजा में शुद्वता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- इस दिन मांस व मदिरा का भूलकर सेवन नहीं करे।
- महिलाओं को हनुमान जी की पूजा के दौरान दूर रहना चाहिए और प्रतिमा को स्पर्श नहीं करना चाहिए।
- हनुमान जी को बजरंग बली,पवनसुत,संकटमोचन,महावीर,अंजनि सुत आदि नामों से पुकारा जाता है।
- हनुमान जी को भगवान शिव का 11 वां रूद्र अवतार माना गया है।
- मंदिरों में हनुमान जी की मूर्ति पर सिंदूर और चाढी का वर्क चढाने की पुरानी परंपरा होती है।
- वैसे तो भक्त मंगलवार व शनिवार का व्रत रख कर हनुमान जी को प्रसन्न करते हैं मगर हनुमान जयंती पर व्रत रखने का विशेष फल भी मिलता है।
- हनुमान की भक्ति करने से स्वतः ही राम का नाम लेने में आ जाता है और उनकी भी अराधना हो जाती है जिससे संकटमोचक हनुमान प्रसन्न होकर भक्त के सभी संकटों को दूर कर देते है।