आधुनिक जमाने में आज के युवक-युवतियों की पहली प्राथमिकता अपना करियर बनाने को लेकर होती है। इस वजह से विवाह में काफी देर भी हो जाती है और काफी उम्र निकलने के बाद माता-पिता को फिर जब बच्चों के लिए अच्छा संबंध नहीं मिल पाता तो और भी चिन्ता हो जाती है और कई मामलों में शादी हो जाने के बाद भी रिश्ते टूट जाते हैं। आपको बता दे कि शादी में विलंब होने के ग्रह स्थिति अनुसार क्या कारण हो सकते हैं।
- जातक की शादी के लिए मुख्य रूप से दो ग्रह जिम्मेदार होते हैं।
- जहां युवतियों के विवाह के लिए बृहस्पति महत्वपूर्ण होता है तो पुरूषों के विवाह के लिए शुक्र ग्रह जिम्मेदार होता है।
- किसी भी जातक की कुंडली का सातवां घर बताता है कि शादी किस उम्र में होगी।
- यदि जातक की कुंडली में सातवें घर में शुक्र,बुध,गुरू व चंद्र में से कोई भी एक ग्रह बैठा हो तो शादी में रूकावटें नहीं आती है।
- लेकिन अगर इनमें से किसी भी एक ग्रह के साथ कुंडली में सातवें घर में अशुभ ग्रह बैठा होगा तो शादी होने में परेशानी जरूर आएगी।
- कुंडली में मंगल की प्रमुख भूमिका होती है और इसके खराब होने पर रिश्ते में संकट पैदा हो सकता है।
- राहु के कारण अनावश्यक कारणों से रिश्ते टूट जाते हैं।
- शादी को लेकर कुंडली में राहु,शनि,मंगल व सूर्य अशुभ ग्रह माने जाते हैं और इनमें किसी एक ग्रह का संबंध सातवें घर से होने पर विवाह के लिए शुभ नहीं माना जाता है।
- कुंडली में सातवें घर में अगर बुध हो और किसी अन्य ग्रह का प्रभाव नहीं हो तो जातक की शादी जल्दी होने के योग बनते हैं।
- यदि कुंडली में सातवें घर में गुरू,शुक्र व चंद्र हो तो शादी 25 साल तक हो जाती है।
- मंगल,राहु,केतु या अन्य कोई अशुभ ग्रह अगर कुंडली में सातवें घर में है तो शादी का योग बहुत देर से बनता है।
उपाय- यह हकीकत है कि किसी भी युवक-युवती की शादी होने या शादी के बाद वैवाहिक जीवन के सुखमय होने की परिस्थितियां कुंडली में ग्रह स्थिति के उपर निर्भर ही होती है। लेकिन ज्योतिष में कुछ उपाय भी हैं जिन्हें कर शादी का योग जल्दी बनाया जा सकता है और शादीशुदा जिन्दगी सुखमय बना जा सकती है। आपको इन उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दे देते हैं।
- शादीशुदा जिन्दगी में शुक्र का विशेष प्रभाव रहता है इसलिए शुक्र ग्रह को मजबूत व सकारात्मक प्रभाव पाने के लिए जरूरी उपाय करने चाहिए।
- युवतियां जिनकी शादी नहीं हो रही हैं वे गुरू ग्रह की मजबूती के लिए उपाय कर सकती है।
- शादी विवाह से पहले जब युवक-युवती की कुंडली का मिलान किया जाता है तो उस वक्त पर अच्छे ज्योतिषी से मांगलिक दोष का अध्ययन करवा लेना चाहिए और उचित सलाह भी ले लेनी चाहिए।
- युवक युवती की कुंडली में गुणों का मिलान भी करवा लेना चाहिए।
- ज्योतिष में कहा जाता है कि दोनों कुंडली में शादी के लिए कम से कम 18 गुण मिलना जरूरी होता है और इससे कम गुण मिलना या पूरे 36 गुण मिलना सही नहीं माना जाता है।
- अनुभवी ज्योतिषी की सलाह से कुंडली की ग्रह स्थिति अनुसार अनुकूल रत्न पहन कर भी शादी होने में आ रही रूकावटें दूर हो सकती है और शादी के बाद जिन्दगी में आ रही परेशानियों को दूर किया जा सकता है।