ज्योतिष से जाने,किस दिशा व दूरी पर होगा कन्या का ससुराल

बिटिया की शादी को लेकर हर माता-पिता को चिंता तो रहती ही है इसके साथ ही यह भी उत्सकुता बनी रहती है कि किस दिशा में और दूरी पर बेटी का ससुराल होगा। कुंडली में सप्तम भाव विवाह का कारक माना जाता है। ज्योतिष की विधा भृगु संहिता से अध्ययन कर पता लग सकता है कि आखिर किस दिशा व दूरी पर पुत्री का ससुराल होगा।

  • लडकी की कुंडली में सप्तम भाव में अगर वृष,सिंह,वृश्चिक या कुंभ राशि स्थित हो तो शादी जन्म स्थान से 90 किलोमीटर के अंदर ही होगी।
  • यदि सप्तम भाव में चंद्र,शुक्र व गुरू हो तो बिटिया का विवाह जन्म स्थान के समीप ही होगा।
  • लेकिन यदि चर राशि मेष,कर्क,तुला या मकर हो तो शादी जन्म स्थान के 200 किलोमीटर अंदर ही होगी।
  • यदि द्विस्वभाववाली राशि मिथुन,कन्या,धनु,मीन सप्तम भाव में हो तो फिर शादी 100 किलोमीटर तक होगी।
  • अगर सप्तमेष सप्तम भाव से द्वादशभाव के मध्य हो तो फिर कन्या का विवाह विदेश में होगा या शादी के बाद पति विदेश लेकर चला जाएगा।

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