रंगों के त्यौहार होली का भारत में विशेष महत्व है। इस त्यौहार को सभी धर्मों के लोग बडे प्यार व खुशी के साथ मनाते हैं और एक—दूसरे को रंग व गुलाल लगाकर एकता का परिचय देते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार होली का त्यौहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है और पारंपरिक रूप से यह पर्व दो दिन तक मनाया जाता है।
होलिका दहन मुहूर्त 2019
| दहन मुहूर्त | 20:57 से 00:28 |
| भद्रा पूंछ | 17:23 से 18:24 |
| भद्रा मुख | 18:24 से 20:07 |
रंगवाली होली - 21 मार्च, 2019
| पूर्णिमा तिथि आरंभ | 10:44 (20 मार्च) |
| पूर्णिमा तिथि समाप्त | 07:12 (21 मार्च) |
पौराणिक कथा— पुरानी मान्यता है कि स्वयं को भगवान मानकर बैठे राजा हरिण्यकशिपु ने अपने पुत्र प्रहलाद जो कि भगवान का भक्त था उसे अपनी बहन होलिका के जरिये जिंदा जलाना चाहा और लेकिन भगवान ने अपने भक्त प्रहलाद पर कृपा की और होलिका को ही अग्नि में जलना पडा था। इसलिए उस दिन से होलिका दहन की परंपरा चली आ रही है।
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