कन्या राशि का स्वामी ग्रह बुध होता है जिसकी वजह से आराध्य देव गणेश भगवान होते है। प,ठ,ण नामाक्षर वाले जातकों की राशि कन्या ही होती है। भाग्यशालीरंग हरा होता है। राशि का शुभरत्न पन्ना होता है। इस राशि का अनुकूल वार बुधवार,शुक्रवारव शनिवार होते है। यह द्विस्वाभावकी राशि होती है। राशि तत्व पृथ्वी होती है जबकि राशि प्रकृतिवायु होती है। आइए आपको इस राशि के जातकों के बारे में विस्तार से जानकारी देकर अवगत करा दें।
- इस राशि के लोगों के अंदर एक अलौकिक क्षमता होती है जो लोगों के गलत उद्देश्यको भांप लेती है।
- जातक साफ-सफाई को लेकर बेहद संवेदनशीलहोते है और हमेशाकी इस आदत से दूसरे लोग परेशान भी हो सकते है।
- राशिका स्वामी ग्रह बुध होता है इसलिए जातक तार्किक बुद्विवाले होते है।
- कन्या राशिके लोगों में बुद्विमत्ता व व्यावहारिकता मुख्य रूप से विशेषताहोती है।
- स्वभाव में शर्मिलापन व संकोची होना भी ज्यादातर लोगों में पाया जाता है।
- इस राशि के जातक गणित,भौतिकी,फाइनेंस,इंजीनियरिंग,अनुसंधान,शेयर बाजार जैसे क्षेत्र को करियर के लिए चुनते है।
- जब तक लक्ष्य प्राप्त नहीं हो तब तक इस राशि के लोग मेहनत करने से नहीं थकते है।
- नकारात्मक पक्ष यह है कि किसी भी काम को पूरा करने की संतुष्टि के चक्कर में यह काम समय पर नहीं कर पाते है।
- राशिके लोग ईमानदार और विनम्र भी होते है।
- किसी के काम में टांग अडाना इस राशि के जातकों की बुरी आदत होती है।