अक्षय तृतीया यानि वो शुभ दिन जब कोई भी काम बिना मुहूर्त देखे किया जा सकता है। वह दिन जब नारायण के साथ लक्ष्मी भी आती है भक्त के घर और साथ लाती है सुख-समृद्धि और धन का भंडार। कहते हैं इस दिन कोई खरीदारी की जाए या कोई नया काम शुरू किया जाए तो यह सुख-समृद्धि का वरदान दिला सकता है। करीब 11 साल बाद इस बार अक्षय तृतीया पर 22 घंटे का सर्वार्थसिद्धि योग का महासंयोग बन रहा है जो किसी भी अच्छे कार्य को करने का सबसे शुभ मुहूर्त होता है। इस वजह से अक्षय तृतीया बन गया है बेहद खास तो कैसे करें पूजा किन मंत्रों का करें जाप, किन चीजों को करने से बचें और कैसे पाएं मां लक्ष्मी के हर रूप का आशीर्वाद।
शुभ मुहूर्त व तारीख
| अक्षय तृतीया प्रारंभ |
03:45 ,18 अप्रैल 2018 (बुधवार) |
| अक्षय तृतीया समाप्त |
01:29, 19अप्रैल 2018 (गुरूवार) |
पूजा विधि
- सुबह उठकर किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करें।
- भगवान विष्णु के परशुराम अवतार का जन्म इसी दिन हुआ था, इसलिए प्रभु हरि की पूजा करें साथ ही मां लक्ष्मी की भी अराधना करें।
- मां लक्ष्मी को सफेद फूल, जौ, गेंहू का सत्तू, ककड़ी आदि अर्पित करें।
दान दिलाएगा वरदान
- इस दिन किसी भी निर्धन व्यक्ति को घड़े, छाता, जूता और चावल का दान करें।
- गर्मी में प्रयोग की जाने वाली वस्तुओं का दान बेहद लाभकारी होगा।
- इसी दिन ब्राह्मणों को भोजन कराएं व उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
क्या करें
- इस दिन सोना, वाहन, मकान आदि खरीदना बेहद शुभ माना जाता है।
- घर में दुधारु पशु जैसे गाय-भैंस खरीदना।
- कन्या का रिश्ता तय करना या विवाह की रस्म अदा करना शुभ होता है।
- रोगी और रोगग्रस्त व्यक्ति की दवा आदि करवाएं।
- बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट करना या शेयर खरीदना शुभ हो सकता है।
क्या ना करें
- जमीन की खुदाई या पुरानी इमारत की तोड़फोड़ ना करवाएं।
- कर्ज़ या उधार लेने से बचें।
- अपने वाहन आदि को ना बेचें।
- रोगी और रोगग्रस्त व्यक्ति की दवा आदि करवाएं।
- मदिरापान करना, बाल कटवाने आदि से आज के दिन परहेज करें।
इन उपायों को करके आप भी पा सकते हैं श्री हरि विष्णु और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद और घर ला सकते हैं सुख-समृद्धि और धन का भंडार।