दीपावली ( बुधवार , 7 नवंबर )

दीपावली अर्थात् दीवाली भारत में हिन्दूओं का सबसे महत्वपूर्ण व प्रसिद्ध त्यौहार है। यह त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है और इस दिन भगवान श्री गणेश व देवी लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। दीपावली उत्सव धनतेरस से शुरू होकर भैया दूज पर समाप्त होता है। इस दौरान धनतेरस,दीपदान,गोवर्धन पूजा व भैया दूज भी साथ में मनाये जाते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार प्रभू श्री राम जब वापिस अयोध्या लौटे तो इस खुशी में अयोध्यावासियों ने घी के दिये जलाकर उनका स्वागत किया और अमावस्या के दिन काली रात रोशन हो गई। उस दिन से ही दीपावली का त्यौहार मनाये जाने लगा है। इस त्यौहार को अज्ञानता के अंधकार को हटाकर ज्ञान रूपी प्रकाश को जीवन में आने के प्रतीक के रूप में भी माना जाता है।

दीपावली 2018 पूजा मुहूर्त - 7 नवंबर

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 17:57 से 19:53
प्रदोष काल 17:27 से 20:06
वृषभ काल 17:57 से 19:53

लक्ष्मी पूजा— दीपावली के दिन शाम को शुभ मुहूर्त में देवी लक्ष्मी जी व गणेश जी की विधिवत पूजा की जाती है। यह पूजा घर के साथ ही कार्यालयों में भी की जाती है। घर व व्यवसाय में सुख व समृद्धि की कामना को लेकर लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है।

  • लक्ष्मी जी पूजा के बाद घर के सदस्यों द्वारा खुशी जता कर पटाखे चलाए जाते हैं और त्यौहार मनाया जाता है।
  • घर पर आए अतिथियों का स्वागत कर व दीपावली की शुभकामनाएं देकर मिठाई खिलाई जाती है।
  • इस दिन परिवार के सदस्यों द्वारा नए कपडे भी पहने जाते हैं और खुशियां मनाई जाती हैं।
  • दीपावली के बाद अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है और उसके बाद अंतिम दिन भाई दूज पर्व मनाया जाता है।
  • यह त्यौहार घर में सुख—शांति व संपन्नता के साथ जीवन में सकारात्मकता व ज्ञान लाने का प्रतीक माना गया है।
  • दीपावली के त्यौहार ने धार्मिक भेदभाव को भुला दिया है और सभी धर्मों के लोग इसे मनाने लगे हैं।

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