गणेश चतुर्थी ( गुरूवार , 13 सितम्बर )

बुद्धि के देवता गणेश जी का पर्व गणेश चतुर्थी पूरे भारत में विशेष श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इसे गणेशोत्सव या विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है। यह त्यौहार भाद्रपद्र महीने में मनाया जाता है जो कि हर वर्ष अगस्त या सितंबर महीने में पडता है। इस पर्व की प्रमुख खास बातें इस प्रकार हैं-

मुहूर्त

प्रारंभ तिथि 12 सितंबर 2018, बुधवार 16:07 से
समापन तिथि 13 सितंबर 2018, गुरूवार 14:51 पर
पूजा समय मध्यान्ह काल - 10:40 से 13:05 तक
  • पूरे भारत में गणेश जी के जन्म दिन को भक्त गणेश चतुर्थी के रूप में बेहद उल्लास के साथ मनाते हैं।
  • भारत वर्ष में यह त्यौहार दस दिन तक मनाया जाता है।
  • महाराष्ट्र में इस त्यौहार को विशेष धूमधाम के साथ श्रद्धालु मनाते हैं।
  • भक्त पहले दिन गणेश जी की मूर्ति की विधिपूर्वक स्थापना करते हैं और दस दिन बाद पवित्र जल सरोवर आदि में विसर्जित कर देते हैं।
  • गणेश महोत्सव के दौरान भक्त प्रतिदिन गणेश जी की सुबह शाम पूजा अर्चना करते हैं।
  • गजानन को मोदक बहुत प्रिय हैं इसलिए प्रसादी के रूप में इसका आवश्यक रूप से भोग लगाया जाता है।
  • जीवन में सुख शांति देने व विध्नों को हरने के लिए गणेश भगवान की पूजा की जाती है।
  • सभी देवताओं में प्रथम पूज्य भगवान गणेश ही हैं।
  • किसी भी शुभ कार्य में सर्व प्रथम गणेश जी की पूजा की जाती है और बिना इनकी पूजा के कार्य अधूरा ही माना जाता है।
  • गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर कथाएं भी जुडी हुई हैं।
  • गणेश जी की पूजा से सभी शुभ कार्य पूर्णतः सफल सिद्ध होते हैं।
  • इसके अलावा गणेश जी की पूजा से बुध ग्रह को बल मिलता है और जिनकी कुण्डलियों में यह ग्रह कमजोर,निर्बल है उसे बल मिलता है।

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