रक्षाबन्धन ( रविवार, 26 अगस्त )

भाई व बहन के प्यार का त्यौहार रक्षाबंधन होता है। इस दिन का हर बहन बेसब्री से पूरे साल इंतजार करती है और बहन द्वारा अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने से दोनों के बीच प्रेम का रिश्ता और मजबूत होता है। रक्षाबंधन त्यौहार का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को यह पर्व मनाया जाता है। आप इस त्यौहार के बारे में विस्तृत रूप से जान लें।

मुहूर्त

दिन - 26 अगस्त, 2018

रक्षाबंधन अनुष्ठान का समय- 05:59 से 17:25

अपराह्न मुहूर्त- 13:39 से 16:12

पूर्णिमा तिथि आरंभ – 15:16 (25 अगस्त)

पूर्णिमा तिथि समाप्त- 17:25 (26 अगस्त)

ये है पौराणिक प्रसंग— भविष्य पुराण में वर्णन मिलता है एक समय जब देवताओं और दानवों में युद्ध शुरू हुआ तब उस दौरान दानव युद्ध में हावी होने लगे। जिसके बाद भगवान इन्द्र घबरा कर देवताओं के गुरू बृहस्पति के पास गये। इस दौरान इन्द्र की पत्नी इंद्राणी सुन रही थी और तत्काल बाद में उन्होंने रेशम का धागा मन्त्रों की शक्ति से पवित्र करके अपने पति इंद्र के हाथ पर बाँध दिया। बताया जाता है कि वह श्रावण पूर्णिमा का दिन ही था और इन्द्र लड़ाई में धागे की मन्त्र शक्ति से ही आखिरकार विजयी हुए। तभी से श्रावण पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा चली आ रही है।

इस तरह मनाया जाता है त्यौहार— रक्षाबंधन के दिन बहनें शुभ मुहूर्त में पूजा की थाली सजाती हैं। थाली में राखी,मिठाईं,रोली आदि सामान बहनों द्वारा रखा जाता है। इसके बाद घर में विधिवत पूजन के बाद बहनें भाईयों के तिलक कर कलाई पर राखी बांध कर मिठाई खिलाती हैं। इसके बदले में भाई बहन को उपहार या पैसे देता है और साथ में जिंदगी भर बहन की रक्षा करने का वचन भी देता है। रक्षाबंधन का अनुष्ठान पूरा होने तक बहनों द्वारा व्रत किए जाने की भी परंपरा होती है।

साल 2018 में रक्षाबंधन का दिन व मुहूर्त-चूंकि श्रावण मास की पूर्णिमा को यह पर्व मनाया जाता है इसलिए इस साल 2018 में 26 अगस्त को यह त्यौहार मनाया जाएगा। ज्योतिषियों के अनुसार भद्रा का समय रक्षाबंधन के लिए निषिद्ध माना गया है। इसलिए भद्रा समय समाप्त होने के बाद ही रक्षाबंधन त्यौहार मनाते हुए राखी बांधनी चाहिए।

आधुनिक युग में राखी— आज के समय में जब हर चीज इंटरनेट पर बुक होने लगी है तो राखियां भी इंटरनेट पर बुक कर दूर देश विदेशों में भी भेजी जानी लगी है। कई भाई देश में दूर या ​विदेशों में भी रहते हैं इसलिए ई-कॉमर्स बेब साइट के जरिए ऑनलाइन आर्डर कर राखियां भिजवाई जाती है।

Trending Article