धार्मिक क्षेत्र में पीपल के पेड का विशेष महत्व बताया गया है। इसके अलावा शास्त्रों व ज्योतिष में भी पीपल को भगवान विष्णु का रूप बता कर इसकी विधिपूर्वक पूजा करने को श्रेष्ठ बताया गया है जिससे धन की वृद्वि भी होती है। आइए,बता दें कि पीपल के वृक्ष के क्या महत्व हैं-
- हिन्दू धर्म में कई विशेष अवसरों पर पीपल वृक्ष की पूजा करने का विधान है।
- पीपल वृक्ष को प्रणाम करने व परिक्रमा करने से आयु लंबी होती है।
- कहा जाता है कि अगर रोज इस वृक्ष को पानी दिया जाए तो व्यक्ति को पापों से छुटकारा मिलता है और अंत में स्वर्ग को जाता है।
- पीपल ही एकमात्र ऐसा वृक्ष माना गया है जिसमें कीडे नहीं लगते हैं और सर्वाधिक ऑक्सीजन भी छोडता है।
- श्रीमद भागवत गीता के दसवें अध्याय में भगवान श्री कृष्ण ने स्पष्ट कहा है कि वृक्षों में श्रेष्ठ पीपल है।
- शनिवार व गुरूवार के दिन पीपल की पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है।
- सूर्योंदय से पहले पीपल की पूजा करना निषेध माना गया है क्यों कि कहा जाता है कि सूर्योदय के बाद ही पीपल पर लक्ष्मी जी का अधिकार होता है।
- पीपल के पेड को काटना व नष्ट करना ब्रह्म हत्या के समान माना गया है।
- पीपल का बृहस्पति ग्रह से भी संबंध बताया गया है।
- रोज पीपल वृक्ष को जल चढाने से कुंडली में मौजूद कमजोर बृहस्पति ग्रह मजबूत होते हैं।
- पीपल पूजा से व्यक्ति का भाग्य जाग्रत होता है और धन आगमन के कई रास्ते खुलते हैं।
- पीपल की पूजा से मन व विचार एकाग्रचित्त होते हैं और व्यक्ति की धार्मिक प्रवृत्ति बढती है तो दीर्घायु भी बनता है।