भाई- बहन के प्यार और विश्वास का पर्व है भाई दूज

गोवर्धन पूजा के बाद आने वाला पर्व भाई दूज भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और स्नेह का प्रतीक होता है। भाई दूज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की दूसरी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और सुख समृद्धि की कामना करती है। वहीं भाई शगुन के रूप में बहन को उपहार भेंट करता है।

भाई दूज 2018 तिथि व मुहुर्त

भाई दूज तिलक तिथि व समय 9 नबंवर शुक्रवार, 12:48 से 15:03
अवधि 2 घंटे 15 मिनट

चावल भोजन करवाने का महत्व - मान्यता है कि इस दिन अगर बहिन भाई को अपने घर भोजन करवाए तो भाई की उम्र बढ़ती है |

  • भाई दूज के मौके पर बहनें भाई के तिलक और आरती के लिए थाल सजाती है। इसमें कुमकुम, सिंदूर, चंदन, फल, फूल, मिठाई और सुपारी आदि सामग्री रखी जाती है।
  • बहनें जब भाई के तिलक और आरती करें, उसके बाद भाई को अपनी बहनों को उपहार भेंट करने चाहिए और सदैव उनकी रक्षा का वचन देकर निभाना भी चाहिए।
  • भाई दूज से भी कुछ पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई हैं जिससे इस त्यौहार का महत्व का पता चलता है।

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