इन बातों को ध्यान में रखकर करें ईश्वर की अराधना, पूरी होगी हर मनोकामना

लगभग सभी घरों में देवी-देवताओं की पूजा जरुर की जाती है। देवताओं के पूजन से हमारी मनोकामना पूरी होती है। लेकिन आपके निरंतर पूजा-पाठ करने के बाद भी आपको लाभ नहीं हो रहा है व नहीं हो रही है आपकी कामना पूरी। क्या कोई गलती आपकी पूजा को बना रही है अधूरी। पूरी निष्ठा और मनोभाव से पूजा-पाठ करने के बाद भी उचित लाभ नहीं मिल रहा है तो यह जानना जरूरी है कि जो भी पूजा-पाठ हम आप कर रहे हैं क्या उसमें कोई कमी रह जा रही है। कर्म-कांड की विधि का जो तरीका है या पूजा-अर्चना में ही कोई कमी रह जा रही है। आईए जानते हैं पूजा करने के दौरान किन बातों का रखें ध्यान और कौन सी बातों को करने से बचें।

क्या करें

  • पूजा स्थान हमेशा ईशान कोण में होना चाहिए।
  • पूजा हमेशा पूर्व दिशा की ओर मुख कर के ही करें।
  • पूजा हमेशा आसन पर ही बैठ कर करें।
  • एक घर में पांच देवी-देवताओं का पूजन होना चाहिए जिनमें भगवान गणेश, शिव विष्णु, सूर्य और दुर्गा जिन्हें पंच देव कहते हैं।
  • पूजा घर में दीपक अवश्य जलाएं, तेल का दीपक हो तो दाहिने हाथ की तरफ और घी का दीपक हो तो बाएं हाथ की तरफ जलाएं।
  • पूजा हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख कर के ही करें।
  • किसी भी देव या देवी के पूजन के प्रति संकल्प, एकाग्रता, श्रद्धा होना बहुत जरुरी है।

क्या ना करें

  • घर में दो से ज्यादा शिवलिंग की पूजा नहीं करनी चाहिए।
  • घर में नौ इंच से बड़ी ईश्वर की प्रतिमा नहीं रखनी चाहिए।
  • तुलसी के पत्तें ऐसे दिन नहीं तोड़े जिस दिन सूर्य संक्रांति हो पूर्णिमा, द्वादशी, अमावस्या हो।
  • रात्रि और संध्या काल में भी तुलसी के पत्ते तोड़ना अशुभ माना जाता है।
  • एक से ज्यादा शालिग्राम घर में ना रखें।
  • घर के पूजास्थल या मंदिर में रखे सूखे फूल, पत्तियां, हार आदि हटा लेने चाहिए।
  • फूलों की कलियां देवी-देवताओं पर चढ़ाना मना है लेकिन यह नियम कमल के पुष्प पर लागू नहीं होते।

ईश्वर की अराधना के वक्त अगर इन बातों का रखें ख्याल तो भगवान का आशीर्वाद रहेगा हमेशा साथ और घर में सुख-समद्धि व शांति भी बनी रहेगी।

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