नागपंचमी पर्व से जुडी हैं ये रोचक बातें

भारत में नागपंचमी पर्व का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। यह पर्व श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इसके साथ ही नागपंचमी पर्व से कई रोचक एवं पौराणिक तथ्य भी जुडे हुए हैं।

नाग पंचमी पर पूजा से मिलता है वरदान— नागपंचमी के दिन सर्पों की विशेष पूजा अर्चना कर लोग परिवार में सुख—शांति, समृद्धि व सुरक्षा की कामना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन सर्प पूजन से सर्पदंश का भय दूर हो जाता है।

देवताओं का भी नाग के प्रति प्रेम— हिन्दू धर्म व प्राचीन मान्यताओं के अनुसार देवताओं का भी नाग के प्रति प्रेम, लगाव बताया गया हैं। भगवान विष्णु को जहां शेषनाग पर लेट कर विश्राम करते हुए दिखाया गया है तो वहीं भगवान शिव के गले में सर्परूपी माला दर्शायी जाती है जिससे सर्पों का महत्व का पता चलता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक सर्पों को नागलोक या पाताल लोक का स्वामी भी बताया गया है।

वर्ष में एक बार नागचन्द्रेश्वर महादेव के दर्शन— मध्यप्रदेश में उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में 11वीं शताब्दी का नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर स्थित है जिसे प्रतिवर्ष नागपंचमी पर्व के दिन ही आम दर्शनार्थियों के लिए खोला जाता है। इस मंदिर में शिव पार्वती नाग पर आसीन सुन्दर प्रतिमा है और छत्र के रूप में नाग का फन फैला हुआ है। इस मंदिर में भक्त दर्शन कर खुद को धन्य मानते हैं।

भगवान श्रीकृष्ण व कालिया नाग की कथा— मान्यता है कि इस दिन श्री कृष्ण ने गोकुलवासियों को कालिया नामक नाग के आतंक से बचाया था। नाग कालिया पर कृष्णा की विजय के बाद से ही इस दिन को नाग पंचमी के रूप में श्रद्धा भाव से मनाया जाता है।

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