राम नवमी-धर्म की पुन: स्थापना करने श्रीराम ने लिया था जन्म

हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार पृथ्वी पर रावण के अत्याचारों को समाप्त करने तथा धर्म की पुन: स्थापना के लिये भगवान श्री हरि विष्णु ने पृथ्वी लोक में श्री राम के रूप में अवतार लिया था। श्री राम चन्द्र जी का जन्म चैत्र शुक्ल की नवमी के दिन राजा दशरथ के घर में हुआ था। इसलिए रामनवमी का त्यौहार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाया जाता है

रामनवमी पर्व-2019

तिथि समय
14 अप्रैल रविवार
पूजा मुहूर्त 10:43 से 13:12
अवधि 2 घंटे 28 मिनट

निकलती है शोभायात्रा- राम नवमी के इस पावन पर्व पर शोभा यात्रा भी निकाली जाती है। जिसमें लोग भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की प्रतिमाओं को अच्छे ढंग से सजाते हैं और फिर प्रमुख बाजारों में होकर शोभायात्रा निकालते हैं। जिसे देखने के लिए सैकडों लोगों की भीड जमा होती है और झांकियों के दर्शन करते हैं।

  • इस दिन प्रात:काल स्नान इत्यादि से निवृत होकर भगवान राम का स्मरण किया जाता है।
  • रामनवमी के दिन भक्त बडी श्रद्धा भाव से भगवान श्री राम की विधिपूर्वक पूजा पाठ करते हैं।
  • श्री राम के भक्त उपवास भी रख कर भजन कीर्तन से श्री राम का ध्यान करते हैं।
  • पूजा पाठ के साथ ही प्रसाद चढा कर भक्तों द्वारा वितरित किया जाता है।
  • राम नवमी के दिन ही चैत्र नवरात्र की समाप्ति हो जाती है।
  • राम नवमी का त्यौहार हर साल मार्च - अप्रैल महीने में मनाया जाता रहा है।

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