रसोई के वास्तु को सुधार उठाएं सेहत और रिश्तों का आनंद

आशियाना वो जगह है जहां एक ही छत के नीचे हम अपने परिवार और प्रियजनों के साथ सुख-दुख बांट सकते हैं। लेकिन कई बार वास्तु दोष के कारण घर में कलह होती रहती है और परिवार में कुछ भी ठीक नहीं चलता। घर का हर सदस्य हमेशा बीमार रहता है। किसी भी घर की रसोई बहुत ही अहम होती है। कोई भी अपना जीवन सिर्फ दो वक्त की रोटी के लिए व्यतीत करता है। घर की गृहणियों का महिलाओं का सबसे ज्यादा समय अगर कहीं गुजरता है तो वह स्थान है रसोई घर। अगर घर में गलती से भी रसोई की दिशा ठीक नहीं हो तो बहुत बड़े दोष होते हैं। आप कितना भी अच्छा खा लें, कितना भी अच्छा कमा लें आप सुखी नहीं रह सकते व समृद्धि आपके घर नहीं आ सकती। विभिन्न प्रकार के रोग आपके घर में वास करने लग जाते हैं। आपका स्वास्थ्य भी बहुत ज्यादा प्रभावित रहता है। ऐसी स्थिती में शास्त्रों में वास्तु अनुकूल दिशा बताई गई है और कुछ छोटे व सरल उपाय जिनको ध्यान में रखकर आप अपने रसोई से जुड़े वास्तु को ठीक कर सकते हैं।

सही दिशा

  • दक्षिण पूर्व का कोना जिसे आग्नेय कोण भी कहते है अग्नि का प्रभाविक क्षेत्र माना जाता है।
  • इस क्षेत्र में खाना बनाने से भोजन अधिक देर तक शुद्ध रहता है।
  • इस दिशा में सबसे ज्यादा शुभ ऊर्जा होती है जो भोजन के माध्यम से आपके शरीर तक पहुंचेगी।
  • खाना बनाते समय मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।

वास्तु दोष दूर करने के उपाय

  • अगर आपके रसोई में कोई दोष उत्पन्न हो जाए तो आप बहुत बुरे दिन भी देख सकते हैं।
  • आग्नेय कोण में यानि दक्षिण पूर्व में लाल रंग का बल्ब जला दें व इसे तीन-चार घंटे तक जला रहने दे।
  • इसके अलावा रसोई में लाल रंग का कागज लगाएं, इससे कितना भी बड़ा दोष हो वो तत्काल दूर हो जाता है।
  • दक्षिण पूर्व कोने पर चौकोर शीशा इस तरह से लगाएं कि आपकी रसोई उसमें दिखाई देती हो व चूल्हा उसमें दिखाई दे तो रसोई दोष से लाभ मिलता है।
  • बिना तोड़-फोड़ के इस तरीके के छोटे सरल उपायों से आप अपने जीवन व दिनचर्या में बहुत बड़ा परिवर्तन महसूस करेंगे।

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