किस ग्रह के प्रभाव से कौनसा व्यवसाय रहेगा सफल

दुनिया में प्रत्येक इंसान की एक अलग कुंडली होती है और कुंडली में ग्रह स्थिति के आधार पर ही व्यक्ति के जीवन की दिशा व दशा तय होती है। खासकर व्यक्ति का अपने जीवन में नौकरी या व्यवसाय करना यह भी कुंडली के ग्रह ही निर्धारित कर सकते है। इसलिए अगर जिंदगी में किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करनी है तो व्यक्ति को अपनी कुंडली का एक बार किसी अच्छे अनुभवी ज्योतिष से सही आंकलन करवा लेना चाहिए। किसी भी जातक की कुंडली में दशम भाव व दशमेश का संबंध उसकी आजीविका से होता है। आइए आपको बता दे कि कुंडली में ग्रहों के अनुसार कौनसा व्यवसाय करना उचित रहेगा।

  • राशि चक्र की सबसे प्रथम राशि मेष होती है जिसका स्वामी मंगल होता है। इस राशि के जातकों को भूमि,प्रोपर्टी से जुडा व्यवसाय करना सही रहता है। इसके अलावा ठेकेदारी,औषधि निर्माण कारखाना,हार्डवेयर का बिजनेस भी किया जा सकता है।
  • यदि आप प्रकाशन,कमीशन,पानी का व्यवसाय करना चाहते है तो इसके लिए कुंडली में चंद्रमा का बलवान होना जरूरी होता है।अगर कुंडली में चंद्र मजबूत स्थिति में है तो आप इस क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते है।
  • यदि राजनीति,वाहनों का क्रय विक्रय,कपडों का कार्य,विद्युत उपकरण संबंधित बिजनेस करना चाहते है तो पहले कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति का आकलन करवा ले क्यों कि सूर्य मजबूत होने पर ही इन व्यवसायों में तरक्की हासिल की जा सकती है।
  • मार्केटिंग बिजनेस,पुस्तकों का व्यापार संबंधित कार्य के लिए कुंडली में बुध ग्रह का मजबूत होना आवश्यक है।
  • संपादन कार्य,पीली वस्तुओं का व्यापार,पूजन दुकान,शिक्षा आदि का बिजनेस करना चाहते है तो गुरू ग्रह की स्थिति कुंडली में दिखवा लें।
  • अगर आप सौंदर्य प्रसाधन,हीरा व्यापार,फिल्म,विज्ञापन,सफेद वस्तुओं का कार्य करने के इच्छुक है और आप की कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत है तो इन व्यवसायों में आप सफलता हासिल कर सकते है।
  • ज्योतिष का कार्य,कर्मकांड,लोहे का कार्य,काली वस्तुओं का व्यापार,मोटर पार्टस आदि कार्य में सफलता के लिए शनि का शुभ व मजबूत होना अति आवश्यक है।
  • सबसे बडी खास बात यह है कि इन ग्रहों के कुंडली में बलवान होने के साथ ही यह भी अच्छी तरह दिखवा लेना चाहिए कि अस्त,निर्बल,नीच व पाप ग्रहों से दृष्ट न हो तभी संबंधित बिजनेस में सफलता पाई जा सकती है।
  • कुंडली में ग्रहों की स्थिति के अलावा अपनी राशि अनुसार व्यवसाय करने पर विचार किया जा सकता है।
  • वृषभ राशि के लोग कला प्रेमी होते है इसलिए ये कला क्षेत्र में हाथ अजमा सकते है इसके अलावा राशि का स्वामी शुक्र ग्रह होने के कारण वस्त्र व किराना व्यवसाय में भी तरक्की कर सकते है और ग्रह का शुभ प्रभाव बढाने के लिए सफेद वस्त्र धारण कर सकते है।
  • मिथुन राशि चक्र की तीसरी और द्विस्वभाव वाली राशि होती है। राशि का स्वामी ग्रह बुध होने के कारण यह जातक लेखन,वक्ता से जुडे कार्य क्षेत्र में अपना व्यवसाय कर सकते हैं। कवि,गीतकार,ज्योतिष,बैंकिंग क्षेत्र में अपना करियर बना सकते है। ग्रह के शुभ प्रभाव बढाने के लिए इस राशि के जातकों को हरे वस्त्र पहनना,पन्ना पहनना शुभ रहेगा।
  • पृथ्वी तत्व वाली राशि के जातकों को शारीरिक क्षमता वाले व्यवसाय जैसे कृषि,भवन आदि में सफलता मिलती है।
  • जल तत्व वाली राशि जातक द्रव्य,तेल,दुग्ध आदि में व्यवसाय कर सकते है।
  • वायु तत्व प्रधान व्यक्ति लेखन,परामर्श,साहित्य,मार्केटिंग में अपना सुनहरा भविष्य बना सकते है।
  • कुंडली में दशम स्थान में अगर सूर्य है तो पैतृक व्यवसाय से उन्नति होती है।
  • दशम भाव में चंद्र होने पर व्यक्ति माता के धन से व्यवसाय करता है।
  • दशम भाव में मंगल होने पर जातक भाईयों के साथ व्यवसाय में सफल रहता है।
  • अगर दशम भाव में बुध है तो जातक लेखक,कवि,ज्योतिष,बोलने से जुडे कार्यक्षेत्र में सफल होता है।
  • बृहस्पति होने पर जातक इतिहासकार,धर्म उपदेशक आदि कार्य में सफल होता है।
  • कुंडली में दशम भाव में शुक्र ग्रह मजबूत होने पर व्यक्ति को पत्नी से धन लाभ,जौहरी,आभूषण,सफेद वस्तुओं से संबंधित कार्य में तरक्की करता है।
  • अगर दशम भाव में राहु हो तो व्यक्ति जुआ,सटटे,शेयर कार्य में लाभ कमाता है।

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