इन बातों को ध्यान में रखकर रत्नों के राजा नीलम से बनाएं राजयोग

रत्न और आभूषण हमारे जीवन में खास महत्व रखते हैं। यह हमारे सौंदर्य और आकर्षण को बढ़ाते हैं व हमारे जीवन और ग्रहों पर प्रभाव डालते हैं। नीलम एक चमत्कारी रत्न है जो आपकी शक्ति को बढ़ाता है लेकिन अगर यह आपको सूट नहीं करे तो आपकी खुशी भी छीनने में एक पल की भी देर नहीं लगाता है। यह सफलता की ऊंचाइयां देने के साथ ही कभी भी दे बैठता है डर की परछाईयां। बस जरूरी है तो सही रत्न पहचानने की और ज्योतिष के जनकारों से सलाह लेकर ही धारण करने की, तो आईए जानते हैं नीलम धारण करते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए व कैसे करें नीलम की पहचान।

नीलम

  • शनि का रत्न है नीलम
  • यह एल्युमिनियम, ऑक्सीजन और थोड़ा सा कोबाल्ट का मिश्रण है।
  • नीलम हमारी कुशलता बढ़ाता है और किसी भी कार्य को करने का माद्दा उत्पन्न करता है।

कैसे पहचानें

  • यह दिखाई देने में चमकीला और चिकना होता है। पानी से भरे कांच के गिलास में यदि नीलम को रखें तो पानी के ऊपर नीली किरण दिखाई देने लगती है।
  • मोर के पंख की तरह इसका रंग नीला होता है। यह पारदर्शी होता है।
  • इसके ऊपर रोशनी डालने पर नीली आभा छिटकती है।

नीलम से जुड़े फायदें

  • यदि आपका शनि किसी मुख्य भाव का कारक है तो इसे मजबूत करने के लिए नीलम जरूर पहनें, इससे मन शांत रहता है।
  • नीलम हड्डियों और नसों के रोग, गठिया व बवासीर को हरने वाला रत्न माना जाता है।
  • कुंडली में शनि के कमजोर होने पर नीलम पहनने से अच्छे परिणाम मिलेंगे लेकिन ये मार्केश नहीं होना चाहिए। शनि की साढ़ेसाती होने पर भी नीलम लाभ देता है।

क्या रखें सावधानियां

  • नीलम अगर अनुकूल नहीं है तो दुर्घटना हो सकती है व शारीरिक कष्ट हो सकता है।
  • शुभ नहीं होने पर आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
  • सोते वक्त बुरे या डरावने सपने आते हैं।
  • विकलांग लोगों के प्रति सेवा भाव रखें व घर के वृद्ध लोगों के प्रति आदरपूर्वक व्यवहार रखें।
  • इसे धारण करने के पश्चात किसी को झूठा आश्वासन ना दें नहीं तो गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं।

रत्नों का हमारे जीवन पर बहुत गहरा असर होता है, यह नाकारात्मक असर भी डालते हैं और सकारात्मक भी। इसलिए इसे कुंडली अनुसार व ज्योतिष सलाह के बिना धारण करना अत्यंत हानिकारक हो सकता है।

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