ज्योतिष में नौ ग्रहों में शनि को सबसे क्रूर व शक्तिशाली ग्रह माना गया है और इसलिए इन्हें न्याय प्रिय भी कहा जाता है। माना जाता है कि शनिदेव इंसान को कर्मों के आधार पर ही फल देते हैं। लेकिन अगर शनि की टेढी नजर किसी पर पड जाए तो ऐसे इंसान के जीवन में परेशानियों के बादल मंडराना शुरू हो जाते हैं। इस परिस्थिति में व्यक्ति को बचने के उपाय करने चाहिए।
- ज्योतिष के अनुसार शनि ग्रह हर राशि पर भ्रमण के दौरान एक विशेष प्रभाव डालते हैं। इस दौरान जब यह प्रभाव किसी राशि के उपर शनि की विशेष स्थितियों के कारण पडता है तो इसे साढेसाती कहा गया है।
- इसके अलावा शनि की महादशा,ढय्या के दौरान भी शनि देव का ज्यादा प्रभाव जातक के उपर रहता है।
- अगर इन परिस्थिति में जातक की जन्म पत्री में शनि अशुभ स्थिति में होकर विपरीत परिणाम दे रहे हैं तो ऐसे व्यक्ति के जीवन में विभिन्न तरह की परेशानियां आना शुरू हो जाती है।
- शनि की टेढी नजर के दौरान व्यक्ति को अचानक बीमारियां घेर लेती हैं।
- इस दौरान पैर,जोडों में दर्द आदि बीमारियां भी हो जाती हैं।
- शनि के अशुभ प्रभाव की वजह से बनते काम बिगडना शुरू हो जाते हैं और अनावश्यक खर्चें होकर धन की हानि और चीजों का अचानक खोना शुरू भी हो जाता है।
- ऐसे समय में दुर्घटना तक की आशंकाएं बन जाती है और व्यक्ति को जीवन में कई संकटों का सामना करना पडता है।
यह हैं बचने के हैं उपाय- शनि देव के अशुभ परिणामों का पता चलने पर व्यक्ति को परेशानियों से बचने के उपाय शुरू कर देने चाहिए।
- शनिवार को शनिदेव के मंदिर में जाकर दर्शन के बाद विधिवत पूजा करते हुए तिल व तेल का दान करना चाहिए।
- शनिदेव की प्रतिमा पर सरसों का तेल चढाते हुए शनि मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए।
- गरीबों को दान व बुजुर्गों की सेवा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।
- इस तरह इन उपायों को श्रद्धा भाव के साथ करने पर शनिदेव को प्रसन्न कर उनके प्रकोप से बचा जा सकता है।