धन एक ऐसी चीज है जिसके बिना कभी कोई कार्य पूरा नहीं हो सकता। ज्यादातर कार्य सफल व पूर्ण होने के लिए धन की जरूरत पडती ही है। कई व्यक्ति धन कमाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहते हैं तो कई के पास धन का आगमन स्वत: ही बना रहता है। यह सब कुंडली में धन के योग के कारण होता है। अगर धन योग होगा तो पैसे की कभी कोई कमी नहीं रहेगी।
- ज्योतिषशास्त्र के अनुसार अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में अगर मंगल चौथे, सूर्य पांचवें और गुरु ग्यारहवें या पांचवें भाव में हो तो ऐसे व्यक्ति को पैतृक संपत्ति,जायदाद से पैसे की प्राप्त होती है और इस तरह कभी पैसे की कमी नहीं आती है।
- यदि किसी भाव में बुध,शुक्र व शनि अच्छी स्थिति में एक साथ हो तो जातक व्यापार में उन्नति कर बहुत धनवान बनता है।
- अगर बुध,शुक्र व गुरू किसी घर में एक साथ होकर शुभ परिणाम दे रहे हैं तो व्यक्ति धार्मिक,ज्योतिष आदि क्षेत्र में धन कमा सकता है।
- यदि सातवें घर में मंगल या शनि बैठे हो और ग्यारहवें भाव में अन्य कोई ग्रह मजबूत स्थिति में है तो व्यक्ति व्यापार,व्यवसाय के द्वारा काफी धन प्राप्त करता है।
- कुंडली में अगर राजयोग,गजकेसरी योग आदि शुभ योग बनते हैं तो भी व्यक्ति धनवान बनता है।
- इसके अलावा अगर कुंडली में धन योग से संबंधित कोई ग्रह कमजोर,निर्बल है तो उस ग्रह के उपाय कर प्रबल योग बना कर धन—दौलत हासिल की जा सकती है।