हर इंसान चाहता है कि उसका खुद का नया आलीशान घर हो और इस सपने को पूरा करने के लिए व्यक्ति जी तोड मेहनत करता है। लेकिन कई बार नया घर में आने के बाद भी इंसान खुश नहीं रह पाता है और संकट,परेशानियों से सामना होता है। इसके पीछे कारण ग्रह प्रवेश के दौरान कुछ खास बातों का ध्यान नहीं दिया जाना है। इसलिए जब भी नए घर में प्रवेश करें तो उससे पहले वास्तु के नियम व अन्य जरूरी बातों पर ध्यान दिया जाना जरूरी होता है-
- ग्रह प्रवेश से पहले किसी विद्वान पंडित से मुहूर्त निकलवाकर शुभ दिन व समय निर्धारित किया जावें।
- मंगलवार के दिन ग्रह प्रवेश नहीं किया जाना चाहिए और रविवार व शनिवार को ग्रह प्रवेश वर्जित माना गया है।
- मंगल कलश के साथ ही नए घर में कलश करना चाहिए।
- कलश में शुद्व जल भर कर उसमें आम या अशोक के आठ पत्तों के बीच नारियल रखें।
- नए घर को रंगोली व फूलों से सजाना चाहिए।
- प्रवेश वाले दिन ही गणेष जी की मूर्ति व श्री यंत्र को नए घर में ले जाकर सही जगह व दिशा में स्थान दे देना चाहिए।
- प्रवेश के दौरान स्त्री अपना बांया पैर व पुरूष को दांया पैर पहले रखना चाहिए।
- नए घर के रसोई घर में भी पूजा की जानी चाहिए।
- इस दौरान किचन में पहले दिन गुड,हरी सब्जियां रखें और गैस पर दूध को उफानना चाहिए।
- घर में पहले दिन बने भोजन से भगवान को भोग,प्रसाद लगाना चाहिए।
- इसके बाद किसी ब्राहम्ण या गरीब भूखे व्यक्ति को भोजन करा दें जिससे सुख-शांति व समृद्वि घर में बनी रहेगी।
- मलमास के दौरान ग्रह प्रवेश नहीं करना चाहिए।
- प्रवेश के दौरान मंगल गीत गाये जाने चाहिए।