आज के मंहगाई के जमाने में भी हर कोई व्यक्ति चाहता है कि उसकी भी खुद की एक अपनी जमीन या मकान हो। लेकिन प्रोपर्टी खरीदने से पहले अपनी जन्म कुंडली में ग्रहों की दशा का अनुभवी ज्योतिषि से आंकलन करवा लेना चाहिए और ग्रहों की अनुकूल दशा होने पर यह फैसला लेना चाहिए अन्यथा इस सौदे में नुकसान या धोखेबाजी का भी सामना करना पड सकता है और जिंदगीभर पछताना पड सकता है। आइए,आप इस बारे में विस्तृत जानकारी पढे लें।
- किसी भी जातक की जन्म कुंडली के चतुर्थ भाव से यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि उसे जीवन में स्वयं के मकान का सुख मिलेगा या नहीं।
- कुंडली का चतुर्थ भाव भवन,वाहन व संपत्ति के बारे में जानकारी देता है।
- भूमि का कारक ग्रह मंगल होता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति अच्छी व शुभ प्रभाव देने वाली है तो वह व्यक्ति जमीन के कारोबार अथवा स्वयं जमीन,मकान का सुख भोगने वाला होता है।
- अगर चतुर्थ भाव पर गुरु या शुक्र ग्रह की शुभ दृष्टि पड रही है तो भी स्वयं के घर का सुख अवश्य मिलता है।
- ज्योतिष में शनि को ज़मीन अथवा प्रॉपर्टी के लिए दूसरा प्रमुख कारक ग्रह माना गया है।
- इसके अलावा जब भी प्रोपर्टी आदि खरीदने का पूरा विचार बन रहा हो तो इससे पहले एक बार अनुभवी ज्योतिषि को कुंडली दिखवा कर ग्रहों की वर्तमान चाल का अध्ययन करवा कर ही खरीदने का निर्णय लिया जा सकता है।