कुंडली में प्रमुख दोषमें बनने वाला योग होता है
कालसर्प योग अर्थात कालसर्प दोष। इस योग के कुंडली में बनने पर जातक को जिन्दगी में आए दिन
संकट,बाधाओं का सामना करना पडता है और लाख प्रयास के बाद भी सफलता व मानसिक शांति नहीं मिलती है
और कई बार तो यह योग इतना घातक होता है कि इंसान का जीवन भी बर्बाद हो जाता है।
लेकिन कुछ आवश्यक उपाय भी हैं जिन्हें किए जाने के बाद इस संकट से बच निकला जा सकता है ।
- कहा जाता है कि जन्म कुंडली में जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच में आ जाए तो काल सर्प योग बनता है।
- काल सर्प योग से सभी प्रकार के शुभ योग खत्म हो जाते हैं और परेशानियों का आना शुरू हो जाता है ।
- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कालसर्प दोष 12 प्रकार का होता है जिसके अलग अलग नकारात्मक प्रभाव होते हैं ।
- जब किसी जातक की कुंडली के पहले भाव में राहु और सातवे भाव में केतु हो तो और इस दौरान अन्य सभी ग्रह इनके बीच आ जाए तो यह अनंत कालसर्प योग बनता है
जिससे जातक को परिवार से जुडी समस्याओं व शारीरिक,मानसिक बीमारियों से भी सामना करना पडता है ।
- यदि कुंडली के दूसरे घर में राहु और आठवें घर में केतु मौजूद हो तो कुलिक कालसर्प योग बनता है
और इससे वैवाहिक जीवन में परेशानियां आती है और तलाक तक की भी स्थिति उत्पन्न हो जाती है ।
- कुंडली के चौथे भाव में राहु और दसवें भाव में केतु की मौजूदगी हो और इनके बीच अन्य ग्रह आ जाए तो फिर शंखपाल कालसर्प योग का निर्माण होता है जिससे व्यक्ति बुरी संगत में पड कर बुरे कार्य में लिप्त हो जाता है।
- कालसर्प योग की वजह से व्यक्ति को गंभीर बीमारी हो जाती है अथवा आए दिन बीमार होता रहता है और फायदा नहीं मिल पाता है ।
- शादीशुदा जिंदगी में तनाव,हिंसा व तलाक तक स्थिति पहुंचने की नौबत आ जाती है ।
- पीडित व्यक्ति धन की समस्या से परेशान हो जाता है
और कई कोशिश के वावजूद आर्थिक परेशानी से छुटकारे का कोई रास्ता नहीं मिल पाता है ।
- कालसर्प दोष से पीडित व्यक्ति की स्थिति इस तरह हो जाती है कि वह खुद के घर में भी चोरी करने लग जाता है ।
- काल सर्प योग से पीडित जातक कभी सुख से नहीं रख पाता है और जीवन में धन,स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता है ।
- कई प्रयास के बाद भी उसे मुश्किलों से राहत नहीं मिल पाती है और जिंदगी अंधकारमय लगने से मनोरोगी जैसी स्थिति बन जाती है ।
- ऐसी स्थिति में जातक को अनुभवी कालसर्प दोष जानकार ज्योतिषी से कुंडली को दिखवाना चाहिए और उचित सलाह लेनी चाहिए ।
- अनुभवी ज्योतिषी से सलाह व उपाय पूछ कर काफी हद तक इस योग से उत्पन्न परेशानियों से छुटकारा भी पाया जा सकता है ।