शदेवो के देव महादेव की पूजा,ध्यान से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
लेकिन एक ऐसा भी मंत्र महामृत्युंजय है
जिसका लगातार नियमपूर्वक अगर जप किया जाए तो पीडित व्यक्ति मौत पर भी विजय प्राप्त कर सकता है।
महामृत्युंजय मंत्र के कई लाभ है।
- शमहामृत्युंजय मंत्र को मृत्यु को जीतने वाला महामंत्र या त्रयंबकम मंत्र भी कहा जाता है ।
- यह अदभुत चमत्कारी मंत्र ऋग्वेद का एक श्लोक है ।
- शिव का यह मंत्र ज्यादातर गंभीर बीमारी,बडे संकट आदि परिस्थितियों में उपयोग में लाया जाता है ।
- मान्यता है कि अगर विपरीत परिस्थितियों में इस मंत्र का विधिपूर्वक लगातार जप किया जाए तो पीडित व्यक्ति मृत्यु समान संकट पर भी विजय प्राप्त कर सकता है।
- किसी भय से छुटकारा पाने के लिए भी इस चमत्कारी मंत्र का जाप किया जाता है ।
- पुत्र प्राप्ति,शत्रु पर विजय या किसी बडे संकट के टल जाने की मनोकामना को लेकर इस मंत्र का जप किया जाता है।
कहा जाता है कि यह मंत्र शिव को भी अत्यंत प्रिय है।
नियमित सुबह,सोमवार को या सावन माह में अगर इस मंत्र का जप किया जाए तो शीघ्र अच्छे परिणाम मिलते हैं।
- इस मंत्र के जप में शुद्व उच्चारण का विशेष ध्यान रखा जाए।
- मंत्र का अर्थ- महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ है
कि समस्त संसार के पालनहार,तीन नेत्र वाले शिव की हम अराधना करते हैं।
शिव हमें मृत्यु के बंधनों से मुक्त कर दें,जिससे मोक्ष की प्राप्ति हो जाए तथा आपके चरणों की अमृतधारा का पान करते हुए इस देह को त्याग कर आप ही में लीन हो जाएं। इस चमत्कारी मंत्र का नित्य जप करने वाला व्यक्ति दीर्घायु तो प्राप्त करता ही है
और हमेशास्वस्थ,प्रसन्न व धनवान भी बना रहता है और भगवान भोलेनाथ की कृपा हमेशाबरसती रहती है।