ओम् नमः शिवाय मंत्र शिव को बहुत प्रिय लगने वाला मंत्र माना जाता है। यह बहुत शक्तिशाली मंत्र है और इसके नियमपूर्वक नित्य जप करने से इंसान की जिन्दगी की सभी समस्याओं का समाधान होने लगता है। आइए, जान लें कि इस मंत्र का और क्या-क्या महत्व व लाभ है।
- इस मंत्र को पंचाक्षरी मंत्र के रूप में भी जाना जाता है ।
- यह न,मः,षि,वा, य के साथ मिल कर बना है ।
- शिव के इस मंत्र का अर्थ होता है कि मैं भगवान शिव को नमन करता हूं ।
- इस मंत्र के माध्यम से शिवजी की पूजा करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है ।
- अगर इस मंत्र को गुरू से प्राप्त कर जप किया जाए तो यह और अधिक प्रभावी व मंगलकारी होकर लाभ देता है ।
- नित्य सुबह जल्दी स्नान आदि से निवृत्त होकर शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग के समक्ष आसन लगाकर विधिपूर्वक पूजा के बाद इस शक्तिशाली मंत्र का 108 बार जप किया जा सकता है ।
- मंत्र जप के बाद शिव का ध्यान करें ।
- बडी सरलता से और बिना किसी प्रतिबन्ध के इस मंत्र का जाप किया जा सकता है ।
- शिव भक्त को इस मंत्र का जाप पूर्ण शारीरिक व मानसिक शुद्वता के साथ करना चाहिए ।
- रोज श्रद्वापूर्वक इस मंत्र का जप करते रहने से व्यक्ति के मन से मृत्यु का डर व अन्य कोई भय दूर हो जाता है ।
- मन में आत्मविश्वास व हिम्मत के भाव आते हैं और जिन्दगी की हर समस्या से लडने की शक्ति मिलती हैं ।
- यह मंत्र व्यक्ति की सभी मानसिक व शारीरिक परेशानियों को दूर कर देता है ।
- शिव की कृपा से इंसान की मनोकामनाएं भी शीघ्र पूर्ण होती है ।