प्रेम एक खूबसूरत शब्द है और यह हर किसी को बस हो ही जाता है। जब प्यार का वक्त चलता है तो प्रेमी प्रेमिका खुद को दुनिया का भाग्यशाली इंसान समझते है। लेकिन जब किसी बात या अन्य कारण से ब्रेकअप यानि प्रेम संबंध टूट जाता है तो किस्मत को कोसा जाता है। इस मोड पर आने का कारण कुंडलियों में ग्रहों की स्थितियां होती हैं। आप जान लें कि आखिर किन ग्रहों व स्थितियों की वजह से दो दिल टूट जाते हैं।
- ज्योतिष अनुसार प्रेम संबंधों के टूटने में मुख्य रूप से कारण सूर्य,मंगल व शनि ग्रह को माना गया है।
- इन ग्रहों में से कोई एक ग्रह अगर उच्च राशि में होकर पंचम या सप्तम भाव को देखे तो जीवन में ब्रेक अप का योग बन जाता है और दोनों एक दूसरे से हमेशा के लिए अलग हो जाते हैं।
- प्रेमी या प्रेमिका की कुंडली में अगर शनि प्रभाव दिखा रहा है तो संबंधित व्यक्ति का स्वभाव उग्र हो सकता है जिसका असर प्रेम संबंधों पर भी पडता है।
- अगर कुंडली में सूर्य का प्रभाव है तो ऐसे रिश्तों में व्यक्ति समझौता नहीं कर पाता और इसलिए यह संबंध भी ज्यादा दिन तक नहीं टिक पाता।
- कुंडली में अगर राहु प्रभाव दे रहा है तो प्रेम संबंधों पर धोखा मिलने की संभावना बनी रहती है।
- जिस प्रेमी पर मंगल का असर है तो वह मनमानी करने पर उतारू हो जाता है जिससे यह रिश्ता नहीं टिक पाता है।
- तीनों ग्रह सूर्य, मंगल और शनि में से कोई भी एक ग्रह कुंडली के पांचवें या सातवें घर में अपनी ही राशि में हो तो भी प्रेम संबंधों में खटास या टूट जाता है।