धनु राशिका स्वामी ग्रह बहस्पति होता है। इनका राशिनामाक्षर भ,ध,फ,ढ होता है।इनके आराध्य भगवान विष्णु होते हैं।भाग्यशालीरंग पीला होता है। शुभ रत्न पुखराज होता है।राशिका स्वभाव द्विस्वभावऔर राशितत्व अग्नि होता है जबकि धातु कांस्य होती है। आइए धनु राशिके बारे में विस्तृत रूप से जानकारी कर लेते हैं -
- इसका प्रतीक एक अश्वमानव होता है जिसका पिछला हिस्सा घोडे का है और सामने का हिस्सा मानव का है जिसके हाथ में प्रत्यंचा चढा हुआ तीर धनुष है।
- मानव अंग जिसके हाथ में एक तीर धनुष स्वर्ग की ओर इशारे कर रहे है उससे यह इशाराहोता है कि आप आध्यात्मिक प्रकृति के इंसान है।
- इस राशि के जातक बेहद सक्रिय होते है।
- राशि का तत्व अग्नि होने के कारण आप अनंत उर्जा से भरे हुए होते है।
- ऐसे जातक विपरीत परिस्थितियों में भी बेहद अच्छा प्रदर्शन करते है।
- जातक बहुत अधिक सोचते है इस वजह से निर्णय करने में देरी करते है लेकिन निर्णय लेने के बाद डिगते नहीं है।
- किसी के साथ अगर अन्याय हो रहा है तो इस राशिके जातक उनके साथ खडे होते है।
- धनु राशि के जातकों के स्वभाव की कमजोरी यह है कि अति उत्साह की वजह से बिना सोचे समझे कार्य करने लग जाते है।
- इस राशि के जातक जिज्ञासु,चंचल व दार्शनिक होते है।
- राशि के जातकों में बोलचाल में वाचलता होती है।
- इस राशि के व्यक्ति अपनी स्वतंत्रता को प्यार करते है और बंधन इन्हें पसंद नहीं है। बंधन से चिडचिडे हो जाते है।
- धनु राशि के व्यक्ति हंसमुख,आशावादी,मिलनसार व साहसिक होते है।