गणेश जी प्रथम पूज्य देव है और किसी भी शुभ कार्य में सबसे पहले गणेश
भगवान की पूजा अर्चना की जाती है। घर,दुकान या ऑफिस में गणेश जी
की मूर्ति अवश्य रखी जाती है। लेकिन कौनसी मूर्ति व किस विधि से मूर्ति
की स्थापना की जाए,यह जानना बहुत जरूरी है।
- गणेश जी की मूर्ति स्थापना के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि
मूर्ति या चित्र में उनकी सूंड बाएं हाथ की ओर घुमी हुई हो ।
- अगर घर में स्थापना कर रहे हैं तो गणेश जी की बैठी हुई मुद्रा में और
ऑफिस में कर रहे हैं तो खडे हुए गणेश जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
- घर में गणेश जी की कई मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए ।
- गणेश जी की मूर्ति के दोनों पैर जमीन को स्पर्श कर रहे हों,इस बात का
विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस तरह की मूर्ति से कार्य में सफलता व
स्थिरता बनी रहती है ।
- मूर्ति व चित्र में मोदक व चूहा भी अवश्य होने चाहिए,यह बरकत का
प्रतीक होता है।
- सिंदूरी रंग के गणपति की अराधना करनी चाहिए,मान्यता है कि इस
तरह पूजा करने से जल्दी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
- मूर्ति स्थापना के दौरान ध्यान रखें कि गणेश जी का मुख दक्षिण दिशा
की ओर न हों, अगर इस तरह मूर्ति रखी जाती है तो विपरीत प्रभाव भी
पड सकता है।
- विघ्नहर्ता गणपति जी को कभी तुलसी के पत्ते भी नहीं चढाने चाहिए।
- बेडरूम में गणेश जी की प्रतिमा भूल कर भी नहीं रखनी चाहिए ।
- रोज सुबह गणपति को दूब चढाना शुभ व अच्छा परिणाम देने वाला
माना जाता है।
- घर के मुख्य द्वारा गणेश जी की दो मूर्ति या चित्र लगा सकते हैं,लेकिन
दोनों प्रतिमाओं की पीठ मिली रहे।
- घर में खुशहाली के लिए सफेद रंग के गणपति की प्रतिमा स्थापित कर
सकते हैं।
- इस तरह इन चीजों को अपनाने पर घर में सुख,समृद्वि आ सकती है।