कहा जाता है कि पहला सुख निरोगी काया अर्थात् जीवन में स्वस्थ रहना ही पहला सुख माना जाता है। लेकिन स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक भोजन जरूरी है और पौष्टिक व स्वस्थ भोजन बनने के लिए घर में रसोई का वास्तु अनुसार होना आवश्यक है। इसलिए रसोई में वास्तु नियमों का ध्यान रखना आवश्यक होता है।
- घर में किचन दक्षिण-पूर्वी कोने में होनी चाहिए
- रसोईघर में खिडकी और एग्जॉस्ट जरूर होने चाहिए जिससे हानिकारक गैस बाहर निकल सके और ताजा हवा अंदर आ सके।
- रसोई में रोशनी का उचित प्रबंध होना चाहिए अन्यथा वास्तुदोष लगेगा।
- किचन ज्यादा बडा और ज्यादा छोटा भी नहीं होना चाहिए।
- भोजन बनाने से पूर्व पहली रोटी गाय के लिए अलग बना कर रख लेनी चाहिए और भोजन बनने के बाद अपने ईष्टदेव को भोग अवश्य लगाना चाहिए। इस उपाय से घर में कभी दरिद्रता नहीं आएगी और सभी स्वस्थ्य भी रहेंगे।
- वास्तुदोष दूर करने के लिए किचन की हमेशा साफ सफाई रहनी चाहिए।
- हमेशा स्नान कर व शुद्धता के साथ ही खाना बनाना चाहिए जिससे परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पडे।
- किचन में दीवारों पर रंगों का चुनाव सोच समझकर करवाना चाहिए।
- गैस स्टोव व सिलेंडर को किचन में दक्षिण-पूर्व में रखना सही रहता है।
- किचन में मंदिर नहीं बनाना चाहिए इससे घर में तनाव व अशांति पैदा होती है।
- गैस चूल्हा व सिंक के बीच दूरी रहनी चाहिए।