भारतीय संस्कृति अनुसार घर आए हुए अतिथि को भगवान का दर्जा दिया जाता है। जिस तरह घर के अन्य कमरों का ध्यान रखा जाता है उसी प्रकार गेस्ट रूम यानि अतिथि कक्ष की सजावट व वास्तु का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए जिससे अतिथि को कोई परेशानी न हो और प्रसन्नता के साथ ही जाएं।
- घर में एक कमरा अतिथि का जरूर होना चाहिए जिसमें वह आराम से रह सके।
- अतिथि के इस कक्ष में सजावट व वास्तु का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- इस कमरे में रोशनी व हवा आगमन की उचित व्यवस्था होनी चाहिए जिससे इन प्राकृतिक चीजों का उसके स्वास्थ्य पर सही प्रभाव पडे।
- अतिथि कक्ष के कमरे का रंग भी हल्का और वास्तु अनुसार ही होना चाहिए जिसके सकारात्मक प्रभाव पडे।
- वास्तुशास्त्र के नियम अनुसार उत्तर पश्चिम दिशा में मेहमानों के लिए अतिथि कक्ष बनाना शुभ माना गया है।
- इस कमरे में हिंसक, डरावने फोटो, मूर्ति लगाने से बचना चाहिए जिससे नकारात्मक प्रभाव नहीं पडे।
- कमरे में नियमित सफाई की जानी चाहिए जिससे वातावरण भी शुद्ध रहे।
- कमरे में अलमारी भी होनी चाहिए ताकि मेहमान अपना सामान रख सके।
- कूलर,पंखा व बल्व,टयूबलाईट सही व चालू अवस्था में हो जिससे आराम करने में कोई बाधा नहीं आए।
- मनोरंजन के लिए इस कमरे में टेलीजिवन,म्यूजिक सिस्टम की भी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे वह तनाव दूर कर सके।
- इस कमरे में प्राकृतिक ताजा खुशबूदार फूलों को भी जगह दी जानी चाहिए जिससे अतिथि का मन प्रसन्नता व सकारात्मकता महसूस कर सके।
- इसके अलावा कमरे के पास में ही बाथरूम की भी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे कोई दिक्कत नहीं आए।
- मेहमान के इस कमरे में बैठने की व्यवस्था इस प्रकार से होनी चाहिए कि अतिथि से बात करते समय परिवार के मुखिया का चेहरा उत्तर-पूर्व में रहे।