तीन अक्षर को जोड़कर बने शब्द विवाह पर गौर करें तो वि का मतलब है हम, वा का मतलब है योग्य पात्र, और ह का मतलब है जुड़ना। हर कोई इस पवित्र बंधन में जरूर बंधता है और अगर आपके विवाह करने की भी बात आ रही है तो शादी का चुनाव कैसे सही करें, और किन-किन बातों का ध्यान रखें ताकि शादी होने के बाद वैवाहिक जीवन में दिक्कत ना आए। आम तौर पर जब लोग शादी करते हैं तो कुंडली में 36 में से 18 गुण यदि मिल गए तो शादी करने में कोई समस्या नहीं होती। लेकिन बहुत बार ऐसा देखा होगा कि गुण मिलने के बावजूद कई शादियां चल नहीं पाती। उसका कारण यह है कि केवल गुणों का मिलान करना ही काफी नहीं है। आपको यह भी देखना होगा कि लड़के और लड़की की कुंडलियों में आपसी तालमेल कैसा है और जब आप सही तरीके से मिलान के योग को देखेंगे तभी शादी सही तरीके से मिला पाएंगे।
ग्रह मैत्री
- कुंडली मिलान के समय सबसे महत्वपूर्ण बिंदु ग्रह मैत्री पर जरूर ध्यान दें।
- लड़के और लड़की की राशि में मित्रता होनी चाहिए नहीं तो गुण मिलने पर भी शादी में बाधा आ सकती है।
- लड़के और लड़की के ग्रह मैत्री के पांच गुण होते हैं जिनमें से चार गुण मिलने चाहिए।
मंगल का दोष
- अगर एक की कुंडली में मंगल का दोष है तो दूसरे में है या नहीं व क्या ग्रहों की वजह से उसका मंगल दोष समाप्त हो रहा है या नहीं यह देखें।
- कई बार लड़का मांगलिक और लड़की मांगलिक नहीं होती, लेकिन लड़की की कुंडली में ग्रह ऐसे हैं जिसकी वजह से मंगल दोष समाप्त हो जाता है
बृहस्पति और शुक्र
- लड़की की कुंडली के बृहस्पति से ही लड़के के जीवन की प्रगति होती है।
- दोनों का वैवाहिक सुख वैवाहिक जीवन की आयु का पता बृहस्पति से ही चलता है।
- लड़के की कुंडली में शुक्र अच्छा होने पर वैवाहिक जीवन लंबे समय तक सुख पूर्वक चला सकेंगे।
- अच्छी पत्नी मिलेगी, वैवाहिक जीवन सुंदर होगा व संतान होने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
जन्मतिथि
- लड़के-लड़की की जन्मतिथि, किस ऋतु में आती है।
- अगर लड़का-लड़की दोनों वर्षा ऋतु में पैदा हुए हैं तो दोनों ही इमोशनल होंगे जिससे संतुलन में समस्या आएगी।
- इसलिए लड़के का जन्म अगर वर्षा ऋतु में हुआ है तो लड़की का जन्म हेमंत का हो तो दोनों के आपसी स्वभाव में संतुलन बना रहेगा।
इन सभी बातों का ध्यान रखकर कुंडली को मिलाएं और विवाह करें तो निश्चित रूप से वैवाहिक जीवन सुखद होगा।