वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा को अशुभ व काल की दिशा भी माना जाता है। इसलिए घर के वास्तु के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि किन चीजों को दक्षिण में रखा जाए और किन को नहीं अन्यथा लापरवाही,अनदेखी करने पर भविष्य में नुकसान भी उठाना पड सकता है।
- घडी न लगाएं- इस दिशा में भूलकर भी घडी दीवार पर नहीं लगानी चाहिए। अगर दक्षिण दिशा में घडी लगाई जाती है तो आगे चलकर शारीरिक,मानसिक व आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड सकता है।
- अलमारी या तिजोरी न रखे- दक्षिण दिशा में अलमारी या तिजोरी नहीं रखनी चाहिए। ऐसा करने से धन न रूकेगा और न आएगा। आर्थिक तंगी भी बनी रहेगी।
- कुआं न हो- दक्षिण दिशा में यदि कुआं होगा तो धन हानि की आशंका बनी रहेगी और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
- दक्षिण दिशा में पैर रखकर न सोए- वास्तु शास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति को दक्षिण दिशा में पैर व उत्तर दिशा में सिर रख कर नहीं सोना चाहिए। अगर ऐसा करते हैं तो हाथ-पैर का दर्द,कमर दर्द,शरीर का कांपना आदि रोग हो सकते हैं। बताया जाता है कि पृथ्वी की धुरी के दो छोर उत्तर व दक्षिण होते हैं और चुंबकीय क्षेत्र होता है। अगर इस दिशा में पैर रख कर सोया जाएगा तो पृथ्वी की धुरी के समानांतर हो जाता है और इस चुंबकीय प्रभाव से रक्त प्रवाह प्रभावित होता है जिससे शरीर में कई बीमारियां तक हो सकती हैं।
- कुंडली में जिन व्यक्तियों का मंगल व राहु पीडित होता है,उन लोगों के लिए दक्षिण दिशा शुभ नहीं मानी जाती है।
- फ्रिज को भी दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए और इसे दक्षिण-पश्चिम कोने में रख सकते हैं
- वास्तु के मुताबिक घर का मुख्य दरवाजा दक्षिण दिशा की ओर नहीं होना चाहिए।
- गुरूवार को दक्षिण दिशा में यात्रा करना हानिकारक होता है।