भारतीय संस्कृति में पूजा-पाठ का विशेष महत्व है और पूजा से मन को शक्ति व शांति मिलती है और घर में मंदिर का स्थान महत्वपूर्ण होता है और इसलिए वास्तु के अनुसार यहां भी कुछ जरूरी नियमों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
- शनि न्याय के देवता हैं लेकिन ज्योतिष के अनुसार घर के मंदिर में शनि की मूर्ति नहीं होनी चाहिए। इनकी पूजा शनि मंदिर में ही किया जाना श्रेष्ठ रहता है।
- घर में भगवान शिव के नटराज स्वरूप की भी मूर्ति भी नहीं रखनी चाहिए क्यों कि यह मूर्ति विध्वंसक रूप को दर्शाती है। इसके बजाय शिवलिंग स्वरूप तस्वीर घर में लगा सकते है।
- घर में देवी लक्ष्मी की खडी अवस्था में तस्वीर,मूर्ति नहीं होनी चाहिए बल्कि बैठे हुए स्वरूप की मूर्ति होनी चाहिए।
- मां दुर्गा की भी विध्वंसक रूप की तस्वीर घर में नहीं लगी होनी चाहिए।
- घर में भगवान की युद्ध करते हुए या राक्षस को मारते हुए दिखने वाली मूर्ति या तस्वीर भी नहीं होनी चाहिए।
- भगवान की खंडित मूर्ति या फटा हुआ चित्र भी नहीं होना चाहिए यह अशुभ माना जाता है।
- मंदिर में एक ही भगवान की दो तस्वीरें नहीं हो।
- राहु,केतू की मूर्ति,तस्वीर भी घर में नहीं रखनी चाहिए। नकारात्मक उर्जा का संचार होता है।
- घर के मंदिर में भगवान की पीठ दिखाती हुई मूर्ति या चित्र नहीं रखना चाहिए।
- घर के मंदिर में बिजली उपकरण जैसे इन्वर्टर,बैटरी आदि भी नहीं रखने चाहिए।
- भैरव देव को भगवान शिव का अवतार माना गया है और उनकी पूजा घर के मंदिर में न होकर बाहर ही बने हुए मंदिर में करनी चाहिए।
पूजा स्थल से जुडी इन प्रमुख चीजों का ध्यान रख कर घर में सुख,शांति व सकारात्मक उर्जा लाई जा सकती है।