घर में समय की जानकारी देने के लिए दीवार पर लगाए जाने वाली घडी का वास्तुशास्त्र में अलग महत्व है। मगर सिर्फ घडी लगा लेने से अच्छा वक्त नहीं आता। घडी को अगर सही दिशा और आकार में नहीं लगाया तो बुरा वक्त सता सकता है।
दीवार पर घडी लगाते समय इन सावधानियों का रखें जरूर ध्यान-
- वास्तुशास्त्र के अनुसार घर की दक्शिण दिशा में घडी कभी नहीं लगानी चाहिए यह दिशा अशुभ मानी जाती है और तरक्की में बाधा उत्पन्न होती है। इसलिए घडी को उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर लगा लेना चाहिए।
- ऐसी दीवार घडी भी नहीं लगाए जिसके अंदर परिवार के सदस्य का फोटो लगा हो।
- ऑफिस में भी जहां आप रोज कुर्सी पर बैठते हो उसके सामने भी घडी नहीं लगानी चाहिए।
- घर में बंद घडी भूलकर नहीं रखनी चाहिए। इससे नेगेटिव एनर्जी उत्पन्न होती है। घडी अगर बंद हैं तो ठीक करवा लें अन्यथा इन्हें घर से बाहर ही रखें।
- अगर आप की घडी समय से आगे या पीछे चल रही हैं तो इसे सही समय पर सेट कर लें अन्यथा परेशानियों का सामना करना पडेगा।
- घर से नकारात्मकता दूर करने और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए मंधुर संगीत बजाने वाली घडी लगानी चाहिए।
- घडी पर धूल भी नहीं जमनी चाहिए अन्यथा घर के सदस्यों का भाग्य भी काम नहीं करेगा। इसलिए समय समय पर घडी पर से धूल साफ कर लेनी चाहिए।
- दरवाजे पर भी घडी नहीं लगानी चाहिए इससे आने जाने वाले सदस्यों पर नकारात्मक असर पडेगा।
इस तरह घडी लगाने से मिलेगा फायदा-
- वास्तु के अनुसार पेंडुलम वाली घडी शुभ होती है। ऐसी घडी लगाने से तरक्की के रास्ते खुलते हैं और समस्याओं का भी समाधान होता है।
- वास्तुशास्त्र के अनुसार गोल,चैकोर,अंडाकार या आठ,छ भुजाओं वाली घडी लगानी चाहिए इससे घर में पॉजिटिव एनर्जी आती है।
- घर में हमेशा साफ सुंदर व दिखने में बडी घडी लगानी चाहिए।
इन सब बातों का अगर ध्यान रखेंगे तो वक्त भी सही निकलेगा और घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहेगी और सुख शांति व समृद्वि का आगमन रहेगा।