इन वास्तु नियमों का ध्यान रख शुरू करें फैक्ट्री

ज्यादातर व्यापारी करोडों रूपए निवेश करने के बाद फैक्ट्री शुरू कर व्यापार करते हैं लेकिन किस्मत को तब कोसना पडता है जब उन्हें मनमुताबिक सफलता नहीं मिलती है। इसकी वजह मेहनत नहीं बल्कि वास्तुदोष होता है। इसलिए आप जब भी फैक्ट्री शुरू करने का निर्णय लें तो इन वास्तु टिप्स का जरूर ध्यान रखें-

शेरमुखी भूमि -फैक्ट्रियों के लिए शेरमुखी भूमि उत्तम रहती है। इसके आगे वाले भाग की लम्बाई अधिक व पीछे वाले भाग की कम होती है। फैक्ट्री का मुख्यद्वार पूर्व उत्तर के मध्य होना चाहिए।

बाउंड्री- फैक्ट्ररी लगाने से पहले बाउंड्री बनवानी चाहिए उसके बाद ही मशीन आदि का फाउंडेशन बनवाना सही रहता है।

जमीन शुष्क नहीं- ऐसी जमीन पर फैक्ट्री लगानी चाहिए जहां की जमीन में नमी हो और जमीन शुष्क,बंजर,कटी फटी नहीं होनी चाहिए।

दिशा का ध्यान- फैक्ट्री में पानी की व्यवस्था या ट्यूवैल ईशान कोण में सही रहता है।

फैक्ट्रियों में मंदिर का निर्माण भी ईशान कोण में करना चाहिए।बिजली संबंधित उपकरण जनरेटर,मेन स्विच सप्लाई बोर्ड आदि को आग्नेय कोण में स्थापित करना चाहिए। पार्किंग की जगह भवन के मुख्य गेट के पास ही बनवाएं। फैक्टरी का उत्तरी पूर्वी क्षेत्र भारी नहीं होना चाहिए क्यों कि यह नेगेटिव एनर्जी देता है। फैक्ट्ररी के आस पास पेड-पौधें और खुले स्थान पर बगीचा लगाना सही रहता है। फैक्ट्री का केन्द्र अर्थात ब्रह्म स्थान खाली होना चाहिए यहां भूलकर कोई भी भारी वस्तु नहीं रखें।

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