फैक्ट्री शुरू कर रहे हैं तो ध्यान रखें वास्तु की ये बातें

लाखों, करोडों रूपए निवेश करने के बाद अगर व्यापार में सफलता नहीं मिले तो व्यक्ति परेशान हो जाता है लेकिन इसके पीछे उसकी मेहनत का नहीं बल्कि वास्तुदोष होता है। इसलिए जब भी फैक्ट्री शुरू करने का निर्णय लें तो इन वास्तु टिप्स का अवश्य ध्यान रखें-

  • फैक्ट्रियों के लिए शेरमुखी भूमि उत्तम रहती है। इसके आगे वाले भाग की लम्बाई अधिक व पीछे वाले भाग की कम होती है।
  • फैक्ट्री का मुख्यद्वार पूर्व उत्तर के मध्य होना चाहिए।
  • कर्मचारियों के लिए उत्तर पश्चिम दिशा का चयन करना चाहिए।
  • पार्किंग की व्यवस्था उत्तर-पश्चिम दिशा में करनी चाहिए।
  • फैक्ट्री में पानी की व्यवस्था या ट्यूवैल ईशान कोण में सही रहता है।
  • फैक्ट्रियों में मंदिर का निर्माण भी ईशान कोण में करना चाहिए।
  • बिजली संबंधित उपकरण जनरेटर,मेन स्विच सप्लाई बोर्ड आदि को आग्नेय कोण में स्थापित करना चाहिए।
  • छत पर पानी की व्यवस्था के लिए टंकियां दक्षिण पश्चिम के पश्चिम या उत्तर पश्चिम की ओर रखना चाहिए।
  • पार्किंग की जगह भवन के मुख्य गेट के पास ही बनवाएं।
  • फैक्टरी का उत्तरी पूर्वी क्षेत्र भारी नहीं होना चाहिए क्यों कि यह नेगेटिव एनर्जी देता है।
  • फैक्ट्ररी लगाने से पहले बाउंड्री वाॅल बनवानी चाहिए उसके बाद ही मशीन आदि का फाउंडेशन बनवाना सही रहता है।
  • गार्ड रूम की उंचाई सात फुट से अधिक न रखें।
  • फैक्ट्ररी के आस पास पेड-पौधें और खुले स्थान पर बगीचा लगाना सही रहता है।
  • ऐसी जमीन पर फैक्ट्री लगानी चाहिए जहां की जमीन में नमी हो और जमीन शुष्क,बंजर,कटी फटी नहीं होनी चाहिए।
  • व्यवसाय के लिए वर्गाकार,आयताकार जमीन शुभ होती है।
  • मालिक की सीट के पीछे मंदिर नहीं होना चाहिए।
  • फैक्ट्री के मालिक की सीट के पीछे मजबूत दीवार होनी चाहिए।
  • फैक्ट्री का केन्द्र अर्थात ब्रह्म स्थान खाली होना चाहिए यहां भूलकर कोई भी भारी वस्तु नहीं रखें।
  • अकाउंट विभाग को दक्षिण पूर्व दिशा में होना चाहिए।
  • मार्केटिंग विभाग को उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थापित करना चाहिए।

वास्तु के इन सभी बिन्दुओं का ध्यान रख कर फैक्ट्री लगाने के बाद व्यवसाय में सफलता प्राप्त की जा सकती है।

Trending Article